फासीवाद और मजदूर वर्ग का कार्यभार
1. फासीवाद पूँजीवाद-साम्राज्यवाद के युग में इटली में वर्ष- 1919 में विश्व इतिहास में पहली बार फासीवाद सामने आया । गौरतलब है कि भारी उद्योग से जुड़ी बड़ी पूँजी वाली कंपनियों को खनिज लोहा , कोयला आदि कच्ची सामग्री की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एवं उनके द्वारा तैयार मालों की बिक्री हेतु नए बाजारों को हथियाने की आकांक्षा के साथ तथा लूट के माल में हिस्सेदारी हेतु इटली प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हुआ था । युद्ध के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ा , लोहा और इस्पात का उत्पादन तो 10 गुना तक बढ़ गया । पूँजीपति मालामाल हुए। ' फिएट ' जैसी कंपनियों की पूँजी 10 गुना तक बढ़ गई। युद्ध में भारी खर्च और क्षति उठाने के बावजूद इटली की उम्मीदों को भारी धक्का लगा । अन्य साम्राज्यवादी देशों ने लूट के माल पर तो अपने-अपने हाथ साफ कर लिए लेकिन उन्होंने इटली को कोई महत्व नहीं दिया । वर्ष- 1919 में , युद्ध में भाग लेनेवाले बेनिटो मुसोलिनी ने युद्ध में भाग लेनेवाले करीब सौ नौजवान सिपाहियों की एक सभा में उग्रराष्ट्रवाद (अंधराष्ट्रवाद) की भावना भरी। अतीत के विशाल रोमन साम्र...